Tuesday, February 17, 2026
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जम्मू-कश्मीर में 209 करोड़ रुपये के फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम का भंडाफोड़, डॉक्टर समेत 8 लोग गिरफ्तार

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Feb 17, 2026 07:30 am IST, Updated : Feb 17, 2026 07:33 am IST

जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में करोड़ों रुपये के फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि फिशिंग और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किए जा रहे एक अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : ANI सांकेतिक तस्वीर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गंदेरबल से चल रहे करोड़ों रुपये के फिशिंग और नकली ट्रेडिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है और हरियाणा के एक डॉक्टर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग paisavault.com जैसी नकली वेबसाइट का इस्तेमाल करता था। जांच में 835 नकली बैंक अकाउंट और 290 वेरिफाइड अकाउंट का पता चला, जिनमें पिछले 45 दिनों में पूरे भारत में इन्वेस्टर्स से 209 करोड़ रुपये मिले। पुलिस का मानना ​​है कि पूरी जांच होने पर धोखाधड़ी से मिली रकम 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा होने की उम्मीद है।

ठगी करने वाले 8 लोग गिरफ्तार

इस स्कैम में बडगाम, श्रीनगर, गंदेरबल, बारामूला और उससे आगे के अकाउंट के ज़रिए लेयर्ड ट्रांसफर, क्रिप्टो कन्वर्जन, टेलीग्राम चैनल के ज़रिए QR कोड सर्कुलेशन और क्रॉस-बॉर्डर रूटिंग शामिल थे। मास्टरमाइंड हरियाणा के हिसार का एकांत योगदत्त हैं, जिसे 'डॉ. मॉर्फिन' के नाम से भी जाना जाता है। वह फिलीपींस में MBBS की पढ़ाई के दौरान उसके विदेशी लिंक बन गए थे। उसे चीन से लौटते समय दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। उसके अलावा, कश्मीर से आठ ऑपरेटिव भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने BPL अकाउंट होल्डर्स, 200 ATM/डेबिट कार्ड, विदेशी करेंसी और कुछ बैंक कर्मचारियों के संदिग्ध शामिल होने का भी पता लगाया है।

शिकायत के बाद जांच के लिए बनी थी एसआईटी

फिरदौस अहमद मीर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गांदरबल में पुलिस ने जांच शुरू की। एसएसपी खालिद अहमद पोसवाल ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित किया। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया और गूगल पर निवेश संबंधी फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को लुभाया जाता था। जब लोग इन फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करते थे, तो उनकी रकम बडगाम, श्रीनगर, गांदरबल, बारामूला समेत अन्य स्थानों के बैंक खातों में भेज दी जाती थी। ये सभी खाते ठगों के नियंत्रण में थे। 

मुख्य आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी ने मोहम्मद इब्राहिम शाह उर्फ यावर, नासिर अहमद गनी, मकसूद अहमद उर्फ डॉ अल्बर्ट, तनवीर अहमद उर्फ डॉ मार्टिन, तौसीफ अहमद मीर, खुर्शीद अहमद और इश्फाक अहमद के साथ मिलकर साजिश रची। ये सभी क्षेत्रीय प्रभारी और खाता संचालक के रूप में काम कर रहे थे। मुख्य आरोपी एकांत योगदत्त को चीन से लौटते समय दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपियों को कश्मीर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया।  

 

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